Zelensky & Netanyahu Meet Trump: Zelensky, Netanyahu और Trump की मुलाकात 2023 के बाद पहली बार ऑन-कैमरा हुई है। इस त्रिकोणीय Zelensky & Netanyahu Meet Trump बैठक को वैश्विक राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। एक तरफ यूक्रेन-रूस युद्ध जारी है, दूसरी तरफ इजराइल-ईरान तनाव चरम पर है। इन दोनों मोर्चों के आपस में जुड़ने के संकेत अब साफ दिख रहे हैं, जो विश्व युद्ध की आशंकाओं को बढ़ा रहे हैं।
Lindsey Graham की मौत और आरोपों का सिलसिला
कुछ दिन पहले अमेरिकी सीनेटर Lindsey Graham की मौत की घटना ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में तूफान खड़ा कर दिया। Graham ट्रंप के करीबी मित्र माने जाते थे। उनकी मौत के पीछे ईरान और रूस का हाथ बताया जा रहा है। इस घटना ने पश्चिमी देशों में रूस-ईरान एक्सिस के प्रति आक्रोश बढ़ाया है।
Graham की मौत के समय से लेकर अब तक कई घटनाएं ऐसी हुई हैं जो दो बड़े गुटों के बनने की ओर इशारा कर रही हैं। एक तरफ अमेरिका, इजराइल और यूक्रेन, दूसरी तरफ रूस, ईरान और उनके सहयोगी देश।
Zelensky और Netanyahu की Trump से मुलाकात क्यों अहम है? :-
Strait of Hormuz (हॉर्मुज की खाड़ी) में छिड़े युद्ध में पाकिस्तान ने मध्यस्थता करने के लिए आगे आकर पहल की। लेकिन वह भी प्रयास सफल नहीं रहा। जिसका मूल कारण मध्यस्थता करने वाले किसी एक के प्रति स्वामी भक्ति ज्यादा दिखाई, और दूसरा कारण इजरायल के सख्त मिजाज के आगे अमेरिका की भी बातों का उल्लघंन करना। जिससे Strait of Hormuz (हॉर्मुज की खाड़ी) में शांति की पहल गड्ढे में गिर गई।
Caspian Sea तक पहुंचा Ukraine-Iran Conflict :-
हाल ही में Strait of Hormuz (हॉर्मुज की खाड़ी) और Kerch Strait (केर्च जलडमरूमध्य) दोनों जगह तनाव बढ़ा है। हॉर्मुज ईरान के नियंत्रण वाला क्षेत्र है जहां तेल निर्यात होता है, जबकि केर्च जलडमरूमध्य काला सागर (Black Sea) और आज़ोव सागर (Sea of Azov) को जोड़ता है।
लगभग 11 दिन पहले यूक्रेन ने Caspian Sea (कैस्पियन सागर) में एक ईरानी जहाज को निशाना बनाया। यह क्षेत्र रूस और ईरान को जोड़ता है। इस हमले में एक ईरानी नाविक की मौत हो गई। यूक्रेन का कैस्पियन सागर में सीधा हित नहीं है, फिर भी यह हमला रूस-ईरान सप्लाई लाइन को तोड़ने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। जिससे अब तनाव और बढ़ गया।
टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: रूस-ईरान गठबंधन खुलकर सामने :-
चार दिन पहले आई रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने ईरान को Kometa-M नाम की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी दी है। इसी टेक्नोलॉजी की मदद से ईरान ने अमेरिकी ठिकानों (TIA bases) पर हमला किया। इससे पहले यह सहयोग पर्दे के पीछे था, लेकिन अब खुलकर सामने आ गया है। इस हमले से अमेरिका आग बबूला हो गया। और ईरान को खत्म करने की धमकी देने लगा। Read more – भारत ने बनाया खुद का कुशा S400 मिसाइल!
Russia और Iran की बढ़ती रणनीतिक नजदीकी :-
रूस ईरान को ड्रोन, मिसाइल टेक्नोलॉजी और इंटेलिजेंस सपोर्ट दे रहा है, जबकि ईरान रूस को यूक्रेन युद्ध के लिए हथियार और संसाधन मुहैया करा रहा है। दोनों देश एक-दूसरे के दुश्मनों को निशाना बनाने में सहयोग कर रहे हैं।
दो मोर्चे, एक दुश्मन
- मोर्चा 1: इजराइल बनाम ईरान (अमेरिका का समर्थन)
- मोर्चा 2: यूक्रेन बनाम रूस (नाटो का समर्थन)
ये दोनों मोर्चे अब एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। ईरान यूक्रेन को भी टारगेट करने की तैयारी में दिख रहा है, जबकि यूक्रेन रूस-ईरान सप्लाई चेन को तोड़ने की कोशिश कर रहा है। नतीजतन, पूरी लड़ाई अब मानो रूस बनाम अमेरिका-नाटो के रूप में बदल रही है।
क्या दुनिया World War 3 की ओर बढ़ रही है? :-
बढ़ते तनाव पर अब दो बड़े गुट बन चुके हैं। एक तरफ अमेरिका, यूरोपीय देश, इजराइल और यूक्रेन है तो दूसरी तरफ रूस, ईरान, उत्तर कोरिया और कुछ अन्य देश। इतिहास साक्षी है कि “जब मुट्ठी भर शक्तिशाली देश दो गुटों में बंट जाते हैं तो छोटी-छोटी घटनाएं विश्व युद्ध की शुरुआत बन जाती हैं।”
प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध से सबक :-
प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत एक छोटी घटना (आर्कड्यूक फर्डिनैंड की हत्या) से हुई थी, लेकिन उसने पूरी दुनिया को जकड़ लिया। इसी तरह द्वितीय विश्व युद्ध भी इसी तरह गुटबंदी का नतीजा था। आज की वर्तमान स्थिति भी कुछ ऐसी ही दिख रही है।
Zelensky & Netanyahu Meet Trump :-
Trump की वापसी और Zelensky-Netanyahu के साथ उनकी बैठक इस गुटबंदी को और मजबूत कर सकती है। Trump हमेशा से “America First” नीति के पक्षधर रहे हैं, लेकिन रूस-ईरान के बढ़ते गठबंधन को वह भी नजरअंदाज नहीं कर पाएंगे। अगर इसी तरह गुटबंदी होती रही और तनाव बढ़ते रहे तो पूरे विश्व को एक नई मुसीबत की लहर देखनी पड़ेगी। आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ सकता है जो आने वाले समय के लिए अच्छा नहीं है।
Trump के सामने बढ़ती Global Political Challenge :-
ऊर्जा संकट :
हॉर्मुज और कैस्पियन क्षेत्र में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
परमाणु खतरा:
ईरान का परमाणु कार्यक्रम और रूस का परमाणु ब्लैकमेल दोनों ही दुनिया के लिए खतरा हैं।
साइबर और हाइब्रिड वॉर:
दोनों पक्ष अब पारंपरिक युद्ध के साथ-साथ साइबर हमलों और प्रॉक्सी वॉर पर भी जोर दे रहे हैं।
Zelensky & Netanyahu Meet Trump Conclusion :-
निष्कर्ष: Zelensky, Netanyahu और Trump की मुलाकत महज एक बैठक नहीं है। यह उस बड़े बदलाव का प्रतीक है जिसमें पुराने गठबंधन टूट रहे हैं और नए ठबंधन बन रहे हैं। Ukraine और Iran के युद्ध अब अलग-अलग नहीं रहे। ये एक वैश्विक संघर्ष का हिस्सा ब चुक हैं।
दुनिया फिर से दो ध्रुवों में बंट रही है। सवाल यह है कि क्या नेतृत्वकर्ता इस बार इतिहास से सबक लेंगे या फिर वही गलती दोहराएंगे जो बीसवीं सदी में हुई थी। आने वाले दिनों में Trump की रणनीति, NATO की एकजुटता और रूस-ईरान के गठबंधन की मजबूती तय करेगी कि दुनिया शांति की ओर जाती है या विश्व युद्ध की।
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