निरख सखी ये खंजन आए | मैथलीशरण गुप्त: Geet Maithili Sharan Gupt Vyakhya
Geet maithili sharan gupt vyakhya: प्रस्तुत शीर्षक गीत “मैथिलीशरण गुप्त जी” के “साकेत” महाकाव्य से अवतरित है। इस गीत में कवि ने वन को गए ‘लक्ष्मण‘ की पत्नी ‘उर्मिला‘ की विरह व्यथा का मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया है और इन गीतों में ऋतुओं के बदलते रहने से विरहिनी उर्मिला का विरह और भी असहाय हो … Read more