चन्द्रलोक में प्रथम बार: chandralok mein pratham bar

Chandralok mein pratham bar

Chandralok mein pratham bar: सुमित्रानंदन पंत जी द्वारा रचित चन्द्रलोक में प्रथम बार नामक शीर्षक से लिया गया है। इसमें मानव की मानवता के लिए विश्व का आह्वाहन किया गया है। जो विश्व बंधुत्व का संदेश देता है। कवि इस ऐतिहासिक घटना को मानवता के लिए गौरवपूर्ण और नए युग का प्रारंभ मानते हैं। Chandralok … Read more

चींटी की व्याख्या – सुमित्रानंदन पंत: chiti ki Vyakhya sumitranand pant

chiti ki Vyakhya sumitranand pant

chiti ki Vyakhya sumitranand pant: प्रस्तुत कविता के माध्यम से कवि सुमित्रानंदन पंत हमें यह शिक्षा देने का संदेश देते है कि हमें भी चींटी की तरह परिश्रमी, अनुशासित, निडर और सहयोगी बनना चाहिए। निरंतर प्रयास और एकता से बड़े से बड़ा कार्य भी संभव हो सकता है। कवि ने छोटे से जीव चींटी के … Read more