Pururava: पुरूरवा का प्रेम प्रस्ताव- मर्त्य मानव की विजय का तूर्य हूं मैं, उर्वशी! अपने समय का सूर्य हूं मै

Pururava

रामधारी सिंह दिनकर द्वारा रचित ‘उर्वशी’ काव्य ग्रंथ के ‘पुरूरवा उर्वशी नामक संवाद’ से लिया गया है । Pururava असीम शक्ति के बावजूद उर्वशी के प्रति अपनी एक अज्ञात बंधन, अपनी वेदना, प्रेम रूपी प्यास और अपनी असहाय स्थिति को प्रकट करता है। जबकि उर्वशी उसे एक भ्रम मानकर अपने अलौकिक शक्ति और नारी सौंदर्य … Read more

यमुना छवि की व्याख्या क्लास 12

Yamuna chhavi

यमुना छवि की व्याख्या क्लास 12: पद्यांश क्लास 12 के हिन्दी पाठ्य पुस्तक के Yamuna Chhavi नामक पाठ से लिया गया है। जिसके रचयिता भारतेंदु हरिश्चंद्र जी है, यह काव्य उनकी ‘चंद्रावली नाटिका से’ लिया गया है। इस काव्य में यमुना नदी के प्राकृतिक सौंदर्य तथा उनके किनारे खड़े तमाल के वृक्ष और श्री कृष्ण … Read more