Pururava: पुरूरवा का प्रेम प्रस्ताव- मर्त्य मानव की विजय का तूर्य हूं मैं, उर्वशी! अपने समय का सूर्य हूं मै

Pururava

रामधारी सिंह दिनकर द्वारा रचित ‘उर्वशी’ काव्य ग्रंथ के ‘पुरूरवा उर्वशी नामक संवाद’ से लिया गया है । Pururava असीम शक्ति के बावजूद उर्वशी के प्रति अपनी एक अज्ञात बंधन, अपनी वेदना, प्रेम रूपी प्यास और अपनी असहाय स्थिति को प्रकट करता है। जबकि उर्वशी उसे एक भ्रम मानकर अपने अलौकिक शक्ति और नारी सौंदर्य … Read more