बीती विभावरी जाग री की व्याख्या: geet jaishankar prasad class 12 vyakhya
geet jaishankar prasad class 12 vyakhya: प्रस्तुत कविता ‘बीती विभावरी जाग री’ जयशंकर प्रसाद के काव्य-संग्रह ‘लहर’ से उद्धृत है। इस कविता में प्रकृति के सौन्दर्य का निरूपण किया गया है। इस गीत में प्रकृति का मानवीकरण करते हुए रूपक की योजना की गयी है। प्रभात गीत (जागरण गीत) की श्रेणी में आती है। इस … Read more