गंगावतरण की सरल व्याख्या : गंगा का पृथ्वी पर आगमन
गंगावतरण की सरल व्याख्या: “Gangavataran” नामक शीर्षक से रचित खंडकाव्य ‘जगन्नाथ दास रत्नाकर जी’ ने सगर-पुत्रों के उद्धार के लिए महाराजा ‘भागीरथ’ की तपस्या के परिणाम स्वरूप गंगा के पृथ्वी पर आगमन का सुंदर वर्णन किया है निम्नलिखित छंदों में गंगा के आकाश से पृथ्वी की ओर तीव्र गति से आने एवं शिवजी की जटाओं … Read more