Raskhan ke Savaiye Ki Vyakhya Class 10: रसखान के सवैया की सरल व्याख्या

raskhan ke savaiye ki vyakhya class 10

raskhan ke savaiye ki vyakhya class 10: रसखान जी श्री कृष्ण के प्रति अपना आसक्त भाव दिखाते हुए कहते हैं कि, हे भगवन! मृत्यु के पश्चात यदि दोबारा इस पृथ्वी पर जन्म होए, तो मैं मनुष्य के रूप में उसी ब्रजभूमि में जन्म लूं और ग्वाल बालों के बीच में निवास करूं।       … Read more

Surdas Ke Pad ki Vyakhya Class 10th Up Board

Surdas Ke Pad ki Vyakhya Class 10th Up Board

Surdas Ke Pad ki Vyakhya Class 10th Up Board: प्रस्तुत पद में श्री कृष्ण के बाल रूप से लेकर के युवावस्थाओं तक लीलाओं का वर्णन किया गया है। और निराकार ब्रह्म से लेकर के साकार ब्रह्म की उपासना का भी वर्णन किया गया है। निराकार ब्रह्म से श्रेष्ठ कर साकार ब्रह्म को बताया गया है। … Read more

Anyokti Vilas ka Arth: अन्योक्तिविलास के प्रश्न उत्तर

Anyokti vilas ka arth

Anyokti vilas ka arth: जब किसी बात को सीधे ना कह कर किसी अन्य जीव जंतुओं के माध्यमसे वहीं बात कहानी के स्वरूप में व्यक्ति पर उद्देश्य से जाती है, तो ऐसे वाक्य समूह को अन्योक्तिविलास कहते हैं।   Anyokti vilas ka hindi anuvad :-   नितरां नीचोऽस्मीति त्वं खेदं कूप! कदापि मा कृथाः। अत्यन्तसर … Read more

ममता कहानी का सारांश कक्षा 10 व्याख्या और प्रश्न उत्तर

ममता कहानी का सारांश कक्षा 10 व्याख्या और प्रश्न उत्तर

ममता कहानी का सारांश कक्षा 10 व्याख्या और प्रश्न उत्तर: यह कहानी भारतीय नारी की त्याग भावना, नारी के मानवीय मूल्यों, अतिथि सत्कार, करूणा और ऐतिहासिक विडंबना को दर्शाती है। ममता कहानी का सारांश भाग 1 :- रोहतास दुर्ग के कमरे में बैठी हुई युवती ममता, दुख के पीछे गंभीर प्रवाह को अनुभव करती हुई, … Read more

प्रबुद्धो ग्रामीण प्रहेलिका की व्याख्या

प्रबुद्धो ग्रामीण प्रहेलिका की व्याख्या

प्रबुद्धो ग्रामीण प्रहेलिका की व्याख्या: प्रस्तुत संस्कृत पाठांश में ज्ञान सर्वत्र सम्भव है, ज्ञान का आभाव कहीं नहीं है। हमको, किसी को भी कम नहीं आंकना चाहिए। प्रबुद्धो ग्रामीण: की व्याख्या:- एकदा बहवः जनाः धूमयानम् (रेलगाड़ी) आरुह्वा नगरं प्रति गच्छन्ति स्म। तेषु केचित् ग्रामीणा केच्चिच्च्च नागरिकाः आसन्। मौनं स्थितेषु तेषु एकः नागरिकः ग्रमीणान् उपहसन् अकथयत्। … Read more

Varanasi ई हव बनारस गुरू

Varanasi

Varanasi ई हव बनारस गुरू: “बनारस इतिहास से भी पुराना है, परंपरा से भी पुराना है, किंवदंती से भी पुराना है और सभी के साथ दोगुना पुराना दिखता है।” ( लेखक मार्क ट्वेन )। Varanasi को प्रायः ‘मंदिरों का शहर’‘भारत की धार्मिक राजधानी’‘भगवान शिव की नगरी’‘दीपों का शहर’, ‘ज्ञान नगरी’ आदि विशेषणों से संबोधित किया … Read more