Mahamana malviya ka hindi anuvad: मदन मोहन मालवीय का हिंदी अनुवाद और प्रश्नोत्तरी

Mahamana malviya ka hindi anuvad

Mahamana malviya ka hindi anuvad: महामना मालवीय जी ने अध्यापक, विधिज्ञ, देश सेवा, जनसेवा और प्राणी सेवा में हमेशा सजग और सचेत रहते थे। मालवी जी ने शिक्षा के लिए सबसे अच्छा कार्य लोगों की मदद के द्वारा दक्षिणा स्वरूप में इकट्ठा की गई धनराशि से ‘काशी हिंदू विश्वविद्यालय‘ की स्थापना की।     महामना … Read more

Sanskrit Bhashaya Mahatvam Ki Saral Hindi Anuvad : संस्कृतभाषाया: महत्त्वं पाठ का अनुवाद

Sanskrit Bhashaya Mahatvam

Sanskrit Bhashaya Mahatvam Ki Saral Hindi Anuvad: इस पाठ में संस्कृत भाषा के महत्त्व ( Sanskrit Bhashaya Mahatvam ) को वर्णित किया गया है। यह सुरभारती भाषा जनमानस को पवित्र करती है, भव्य और अच्छे भावों को उत्पन्न करती है, तथा चरित्र निर्माण, विश्व शांति की और मानव चेतना की प्रेरणा देती है। इसे ‘देववाणी’ … Read more

Rashtra ka Swaroop राष्ट्र का स्वरूप कक्षा 12 question Answer

Rashtra ka Swaroop राष्ट्र का स्वरूप कक्षा 12 question Answer

Rashtra ka Swaroop राष्ट्र का स्वरूप कक्षा 12 question Answer: डॉ• वासुदेव शरण अग्रवाल द्वारा विरचित प्रस्तुत निबंध ‘राष्ट्र का स्वरूप’ ( Rashtra ka Swaroop )में तीन तत्वों पर- पृथ्वी, जन और संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि Rashtra ka Swaroop इन्हीं तीन तत्वों से निर्मित होता है। जिसमें पृथ्वी को माता के रूप … Read more

Balance diet जीवन में क्या खाएं कैसे रहें

Balance diet

Balance diet जीवन में क्या खाएं कैसे रहें: आज की आधुनिक दुनिया में भाग दौड़ के कारण हम अपने खान-पान Balance diet और जीवन शैली पर ध्यान नहीं दे पाते। क्या खाएं कैसे रहें। इसको ही जानना बहुत ही महत्वपूर्ण आहार diet केवल जीवित रहने ऊर्जा प्राप्त करने का स्रोत नहीं है शरीर के लिए … Read more

महादेवी वर्मा के गीत की व्याख्या सरल शब्दों में

Geet

महादेवी वर्मा के गीत की व्याख्या सरल शब्दों में: महादेवी वर्मा जिन्हें ‘आधुनिक युग का मीरा’ कहा जाता है, के द्वारा रचित गीत Geet नामक शीर्षक में बताती हैं, मानव जीवन एक यात्रा है। मानव जीव इसी यात्रा पर चल रहा है। और उस परम सत्ता को पाना चाहता है। जो संपूर्ण सृष्टि का संचालन … Read more

जातक कथा की व्याख्या और गद्यांश आधारित प्रश्न उत्तर

जातक कथा की व्याख्या और गद्यांश आधारित प्रश्न उत्तर

जातक कथा की व्याख्या और गद्यांश आधारित प्रश्न उत्तर : जातक कथाएं Jatak Katha बौद्ध साहित्य का एक हिस्सा है। जो मनोरंजन के द्वारा हमें नैतिकता, जीवन जीने का उद्देश्य, चतुरता, बुद्धि का सही उपयोग, अच्छे बुरे का ज्ञान आदि, छोटी-छोटी कहानियों के द्वारा सिखाई जाती है। इन्हें विश्व की प्राचीनतम लिखित कहानियों में गिना … Read more

Subhash Ratnani ka Saral Hindi Anuvad: सुभाषरत्नानि की हिन्दी व्याख्या

Subhash Ratnani ka Saral Hindi Anuvad

Subhash Ratnani ka Saral Hindi Anuvad : सुंदर कथनों के समूह को सुभाषरत्नानि ( Subhash Ratnani ) कहते हैं। सु+भाष्+रत्नानि – सुंदर वाक्य के समूह को, सुंदर कथन को, सुंदर वाणी को, जो रत्न से भी कीमती है। ऐसे सुंदर वाक्य से निर्मित शब्दावली के समूह को सुभाषरत्नानि कहते हैं। सुंदर कथन से व्यक्ति के … Read more

Uddhav Prasang Ki Saral Vyakhya ब्रजबालाओं का मार्मिक चित्रण

Uddhav Prasang Ki Saral Vyakhya

Uddhav Prasang Ki Saral Vyakhya ब्रजबालाओं का मार्मिक चित्रण: जगन्नाथ दास रत्नाकर जी द्वारा विरचित Uddhav Prasang में ब्रजबालाओं का कन्हैया के प्रति वियोग का मार्मिक चित्रण किया गया है। कन्हैया ब्रज छोड़ करके मथुरा आ गये है। और गोपियां उनके वियोग से ज्यादा दुखी हो गई। उनके वियोग को जानने के लिए कान्हा ने … Read more

Atmagya ev Sarvagya paath ka Hindi anuvad : आत्मज्ञ एव सर्वज्ञ – आत्मा को जानने वाला ही, सबकुछ जान सकता है…

Atmagya-ev-sarvagya

Atmagya ev Sarvagya paath ka Hindi anuvad: प्रस्तुत पाठ आत्मज्ञ एव सर्वज्ञ ( Atmagya ev Sarvagya ) में महर्षि याज्ञवल्क्य जी अमरत्व और आत्मज्ञान का ज्ञान देते हैं। वैदिक युग में तत्वदर्शी महान ऋषि याज्ञवल्क्य अपनी अद्वितीय आध्यात्मिक शक्ति के प्रसिद्ध थे। शुक्ल यजुर्वेद के रचयिता और शतपथ ब्राह्मण, योगयज्ञवल्क्य संहिता के रचनाकार माने जाते … Read more

भोजस्यौदार्यम् गद्यांश और पद्यांश की सरल व्याख्या

Bhojasyodaryam

भोजस्यौदार्यम् गद्यांश और पद्यांश की सरल व्याख्या : उपर्युक्त शीर्षक भोजस्यौदार्यम् ( Bhojasyodaryam ) कक्षा 12 के संस्कृत खण्ड से लिया गया है। इसमें राजा भोज की उदारता, दानशीलता, कवियों के प्रति सम्मान, विद्वानजनों को अपनी सभाओं में सम्मान देते थे, बतलाया गया है। राजा भोज का शासन काल लगभग ( 1010 से 1055 ) … Read more