Panchshil Siddhant Class 12 Hindi Anuvad

Panchshil Siddhant Class 12 Hindi Anuvad : किसी भी राष्ट्र की उन्नति के लिए, उस राष्ट्र को सर्वमान्य नीतियों पर चलना पड़ता है। यह नीतियां ही किसी राष्ट्र की उन्नत दशा का निर्धारण करती है। आज हम उन्हीं नीतियों में से कुछ राष्ट्र नीति के बारे में जानने का प्रयास करेंगे।

Panchshil Siddhant Class 12 Hindi Anuvad

पंचशील सिद्धांता: का हिंदी अनुवाद – 

 

पञ्चशलिमिति शिष्टाचारविषयकाः सिद्धान्ताः। महात्मा गौतमबुद्धः एतान् पञ्चापि सिद्धान्तान् पञ्चशीलमिति नाम्ना स्वशिष्यान् शास्ति स्म। अत एवायं शब्दः अधुनापि तथैव स्वीकृतः। इमे सिद्धान्ताः क्रमेण एवं सन्ति –

 

हिंदी अनुवाद – पंचशील सिद्धांत शिष्टाचार सम्बन्धी ( अच्छा व्यवहार ) सिद्धांत है। महात्मा गौतम बुद्ध पंचशील नामक पांच सिद्धांतो को अपने शिष्यों को उपदेश देते थे। इसलिए यह शब्द आज भी वर्तमान समय में स्वीकार किया जाता है। यह सभी सिद्धांत क्रमशः निम्न प्रकार के है – Read more- Pawan Dutika 

पंचशील बौद्ध धर्म के 5 सिद्धांत- 

  1. अहिंसा – जीवों पर दया करना।
  2. सत्यम् – सत्य बोलना, सत्य का पालन करना।
  3. अस्तेयम् – चोरी न करना, या आवश्यकता से ज्यादा धन इकठ्ठा न करना।
  4. अप्रमादः – घमंड या प्रमाद न करना।
  5. ब्रह्मचर्यम् – ब्रह्मचर्य ( इन्द्रियों पर संयम, अश्लील विचारों से बचना, सात्विक भोजन, बुरी संगत से दूर रहना, मन को ईश्वर तथा सेवा कार्यो में लगाना ) का पालन करना। 

 

Panchshil Siddhant In Hindi Class 12 :-

 

बौद्धयुगे इमे सिद्धान्ताः वैयक्तिकजीवनस्य अभ्युत्थानाय प्रयुक्ता आसन्। परमद्य इमे सिद्धान्ताः राष्ट्राणां परस्परमैत्रीसहयोगकारणानि, विश्वबन्धुत्वस्य, विश्वशान्तेश्च साधनानि सन्ति। राष्ट्रनायकस्य श्रीजवाहरलालनेहरूमहोदयस्य प्रधानमन्त्रित्वकाले चीनदेशेन सह भारतस्य मैत्री पञ्चशीलसिद्धान्तानधिकृत्य एवाभवत्। यतो हि उभावपि देशौ बौद्धधमें निष्ठावन्तौ। आधुनिके जगति पञ्चशीलसिद्धान्ताः नवीनं राजनैतिकं स्वरूपं गृहीतवन्तः। एवं च व्यवस्थिताः-

 

हिंदी अनुवाद – बौद्ध काल में यह सिद्धांत मानव उत्थान के लिए उपयोग किए जाते थे। लेकिन आज यही सिद्धांत एक राष्ट्र दूसरे राष्ट्र से मैत्री और सहयोग करने के लिए, उपकरण के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं। आज वही उपदेश विश्वबंधुत्व का और विश्व शांति का साधन बन गया है। राष्ट्र के नायक श्री जवाहरलाल नेहरूजी ने अपने प्रधानमंत्री के समय में पंचशील सिद्धांतों को अपनाकर चीन देश के साथ मित्रता स्वीकार की थी। क्योंकि दोनों देश बौद्ध धर्म के प्रति निष्ठा भाव रखते थे। वर्तमान आधुनिक युग में भी वही पंचशील सिद्धांत नए राजनीतिक स्वरूप में स्वीकार किया जाने लगा। वह नया स्वरूप निम्नलिखित प्रकार से व्यवस्थित किया गया है –

 

1 – किमपि राष्ट्रं कस्यचनान्यस्य राष्ट्रस्य आन्तरिकेषु विषयेषु कीदृशमपि व्याघातं न करिष्यति।

हिंदी अनुवाद – कोई भी राष्ट्र किसी अन्य राष्ट्र के आन्तरिक विषयों में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेगा।

2 – प्रत्येकराष्ट्र परस्परं प्रभुसत्तां प्रादेशिकीमखण्डताञ्च सम्मानयिष्यति ।

हिंदी अनुवाद – प्रत्येक राष्ट्र परस्पर प्रभुसत्ता तथा प्रादेशिक अखण्डता का सम्मान करेगा।

3 – प्रत्येकराष्ट्र परस्परं समानतां व्यवहरिष्यति।

हिंदी अनुवाद – प्रत्येक राष्ट्र आपस में समानता का व्यवहार करेगा।

4 – किमपि राष्ट्रमपरेण नाक्रंस्यते।

हिंदी अनुवाद – कोई भी राष्ट्र दूसरे राष्ट्र से आक्रान्त नहीं होगा।

5 – सर्वाण्यपि राष्ट्राणि मिथः स्वां स्वां प्रभुसत्तां शान्त्या रक्षिष्यन्ति।

हिंदी अनुवाद – सभी राष्ट्र भी अपनी-अपनी प्रभुसत्ता की शान्तिपूर्वक रक्षा करेंगे।

 

विश्वस्य यानि राष्ट्राणि शान्तिमिच्छन्ति तानि इमान् नियमानङ्गीकृत्य परराष्ट्रैस्साद्धं स्वमैत्रीभावं दृढीकुर्वन्ति।

 

हिंदी अनुवाद – विश्व के जो भी राष्ट्र शान्ति की इच्छा रखना चाहते हैं, वे सभी राष्ट्र इन नियमों को अंगीकार (स्वीकार) करके दूसरे राष्ट्रों के साथ अपने मैत्री-भाव को दृढ़ करते हैं। Read more – गंगावतरण

 

Panchshil Siddhant Ka Question Answer :-

पञ्चशीलसिद्धान्तानां विषये भवता पृष्टानां प्रश्नानाम् उत्तराणि अधोलिखितानि सन्ति।

FAQ –

 

 

Q. पञ्चशीलमिति कीदृशाः सिद्धान्ताः सन्ति?

Ans. पञ्चशीलं शिष्टाचारविषयकाः व्यक्तिगत-जीवनस्य च निर्माणायाः सिद्धान्ताः सन्ति।

Q. महात्मनः गौतमबुद्धस्य पञ्चशीलसिद्धान्ताः के सन्ति?

Ans. महात्मनः गौतमबुद्धस्य पञ्चशीलसिद्धान्ताः एते सन्ति:
अहिंसा
सत्य
अस्तेय
अप्रमाद
ब्रम्हचर्य

Q.क्रमेण के पञ्चशीलसिद्धान्ताः भवन्ति?

Ans. 1. परस्परं प्रादेशिकखण्डतायाः प्रभुसत्तायाश्च सम्मानम्।
2.परस्परम् अनक्रमणम्।
3.परस्परम् आन्तरिकविषयेषु हस्तक्षेपत्यागः।
4.किमपि राष्ट्रमपरेण नाक्रंस्यते।
5.सर्वाण्यपि राष्ट्राणि मिथः स्वां स्वां प्रभुसत्तां शान्त्या रक्षिष्यन्ति।

Q.बौद्धयुगे पञ्चशीलसिद्धान्ताः कस्य हेतोः प्रयुक्ताः आसन्?

Ans. व्यक्तिगत-जीवनस्य उत्थानाय तथा सदाचाराय प्रयुक्ताः आसन्।

Q. चीनदेशेन सह भारतस्य मैत्री कान् सिद्धान्तानधिकृत्य अभवत्?

Ans. पञ्चशीलसिद्धान्तान्’ अधिकृत्य अभवत्

Q. भारत-चीन देशौ कस्मिन् धर्मे निष्ठावन्तौ?

Ans. बौद्धधर्मे निष्ठावन्तौ।

Q.गौतमबुद्धः कान् सिद्धान्तान् अशिक्षयत्?

Ans. गौतमबुद्धः अहिंसा-सत्य-अस्तेय-परोपकारादीन् – ब्रह्मचर्य सिद्धान्तान् अशिक्षयत्।

Q. आधुनिके जगति पञ्चशीलसिद्धान्ताः किं स्वरूपं गृहीतवन्तः?

Ans. आधुनिके जगति पञ्चशीलसिद्धान्ताः राजनैतिकं स्वरूपं गृहीतवन्तः

 

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