Rashtra ka Swaroop राष्ट्र का स्वरूप कक्षा 12 question Answer

Rashtra ka Swaroop राष्ट्र का स्वरूप कक्षा 12 question Answer

📚 UP Board Class 12 Hindi के सभी अध्याय देखें → Click Here Rashtra ka Swaroop राष्ट्र का स्वरूप कक्षा 12 question Answer: डॉ• वासुदेव शरण अग्रवाल द्वारा विरचित प्रस्तुत निबंध ‘राष्ट्र का स्वरूप’ ( Rashtra ka Swaroop )में तीन तत्वों पर- पृथ्वी, जन और संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि Rashtra ka Swaroop … Read more

महादेवी वर्मा के गीत की व्याख्या सरल शब्दों में

Geet

महादेवी वर्मा के गीत की व्याख्या सरल शब्दों में: महादेवी वर्मा जिन्हें ‘आधुनिक युग का मीरा’ कहा जाता है, के द्वारा रचित गीत Geet नामक शीर्षक में बताती हैं, मानव जीवन एक यात्रा है। मानव जीव इसी यात्रा पर चल रहा है। और उस परम सत्ता को पाना चाहता है। जो संपूर्ण सृष्टि का संचालन … Read more

जातक कथा की व्याख्या और गद्यांश आधारित प्रश्न उत्तर

जातक कथा की व्याख्या और गद्यांश आधारित प्रश्न उत्तर

जातक कथा की व्याख्या और गद्यांश आधारित प्रश्न उत्तर : जातक कथाएं Jatak Katha बौद्ध साहित्य का एक हिस्सा है। जो मनोरंजन के द्वारा हमें नैतिकता, जीवन जीने का उद्देश्य, चतुरता, बुद्धि का सही उपयोग, अच्छे बुरे का ज्ञान आदि, छोटी-छोटी कहानियों के द्वारा सिखाई जाती है। इन्हें विश्व की प्राचीनतम लिखित कहानियों में गिना … Read more

Subhash Ratnani ka Saral Hindi Anuvad: सुभाषरत्नानि की हिन्दी व्याख्या

Subhash Ratnani ka Saral Hindi Anuvad

Subhash Ratnani ka Saral Hindi Anuvad : सुंदर कथनों के समूह को सुभाषरत्नानि ( Subhash Ratnani ) कहते हैं। सु+भाष्+रत्नानि – सुंदर वाक्य के समूह को, सुंदर कथन को, सुंदर वाणी को, जो रत्न से भी कीमती है। ऐसे सुंदर वाक्य से निर्मित शब्दावली के समूह को सुभाषरत्नानि कहते हैं। सुंदर कथन से व्यक्ति के … Read more

Uddhav Prasang Ki Saral Vyakhya ब्रजबालाओं का मार्मिक चित्रण

Uddhav Prasang Ki Saral Vyakhya

Uddhav Prasang Ki Saral Vyakhya ब्रजबालाओं का मार्मिक चित्रण: जगन्नाथ दास रत्नाकर जी द्वारा विरचित Uddhav Prasang में ब्रजबालाओं का कन्हैया के प्रति वियोग का मार्मिक चित्रण किया गया है। कन्हैया ब्रज छोड़ करके मथुरा आ गये है। और गोपियां उनके वियोग से ज्यादा दुखी हो गई। उनके वियोग को जानने के लिए कान्हा ने … Read more

Atmagya ev Sarvagya paath ka Hindi anuvad : आत्मज्ञ एव सर्वज्ञ – आत्मा को जानने वाला ही, सबकुछ जान सकता है…

Atmagya-ev-sarvagya

Atmagya ev Sarvagya paath ka Hindi anuvad: प्रस्तुत पाठ आत्मज्ञ एव सर्वज्ञ ( Atmagya ev Sarvagya ) में महर्षि याज्ञवल्क्य जी अमरत्व और आत्मज्ञान का ज्ञान देते हैं। वैदिक युग में तत्वदर्शी महान ऋषि याज्ञवल्क्य अपनी अद्वितीय आध्यात्मिक शक्ति के प्रसिद्ध थे। शुक्ल यजुर्वेद के रचयिता और शतपथ ब्राह्मण, योगयज्ञवल्क्य संहिता के रचनाकार माने जाते … Read more

भोजस्यौदार्यम् गद्यांश और पद्यांश की सरल व्याख्या

Bhojasyodaryam

भोजस्यौदार्यम् गद्यांश और पद्यांश की सरल व्याख्या : उपर्युक्त शीर्षक भोजस्यौदार्यम् ( Bhojasyodaryam ) कक्षा 12 के संस्कृत खण्ड से लिया गया है। इसमें राजा भोज की उदारता, दानशीलता, कवियों के प्रति सम्मान, विद्वानजनों को अपनी सभाओं में सम्मान देते थे, बतलाया गया है। राजा भोज का शासन काल लगभग ( 1010 से 1055 ) … Read more

नौका विहार कविता की सरल और स्पष्ट व्याख्या

Nauka Vihar

नौका विहार कविता की सरल और स्पष्ट व्याख्या: कवि सुमित्रानंदन पंत Nauka Vihar में भावनाओं के सागर में मदमस्त होकर गंगा की जल धारा के समान जीवन की गति है। जैसे गंगा पहाड़ीयों से निकलकर धरती को पुष्पित करते हुए’ समुद्र में विलीन हो जाती है । उसी तरह मानव जीवन भी जन्म लेकर और … Read more

Kaikeyi Ka Anutap मां के पुत्रमोह में लिए गए फैसले पर अद्भुत पश्चात्ताप

Kaikeyi ka Anutap

Kaikeyi Ka Anutap मां के पुत्रमोह में लिए गए फैसले पर अद्भुत पश्चात्ताप: कैकेयी हाथ जोड़कर सभा के बीच में खड़ी हैं और अपने किए गए कर्मों के लिए सबसे क्षमा मांग रही हैं। वह kaikeyi ka Anutap नामक पाठ के काव्य में स्वीकार करती हैं कि उनके कारण ही ये सारी विपत्तियाँ आईं और … Read more

Pururava: पुरूरवा का प्रेम प्रस्ताव- मर्त्य मानव की विजय का तूर्य हूं मैं, उर्वशी! अपने समय का सूर्य हूं मै

Pururava

रामधारी सिंह दिनकर द्वारा रचित ‘उर्वशी’ काव्य ग्रंथ के ‘पुरूरवा उर्वशी नामक संवाद’ से लिया गया है । Pururava असीम शक्ति के बावजूद उर्वशी के प्रति अपनी एक अज्ञात बंधन, अपनी वेदना, प्रेम रूपी प्यास और अपनी असहाय स्थिति को प्रकट करता है। जबकि उर्वशी उसे एक भ्रम मानकर अपने अलौकिक शक्ति और नारी सौंदर्य … Read more