BRICS 2026 New Delhi Declaration, नई दिल्ली घोषणा-पत्र: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की नई दिल्ली घोषणा-पत्र का संपूर्ण हिंदी सारांश पढ़ें। जानें इस ऐतिहासिक सम्मेलन से भारत को क्या-क्या मुख्य सफलताएं मिलीं।
एक साथ भारत में क ई देशों का इकट्ठा होना पड़ोसी देशों को अच्छा नहीं लग रहा है। अमेरिका भी अपनी नज़र इस बैठक पर लगाएं हुए है।
BRICS 2026 की थीम :-
“लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण”
BRICS 2026 नई दिल्ली घोषणा-पत्र: 140 बिंदुओं का पूरा ब्यौरा हिंदी में। GIFT City रिस्क लैब, UNSC सुधार और भारत की बड़ी उपलब्धियों की पूरी जानकारी यहाँ देखें।
BRICS 2026 New Delhi Declaration – पत्र में 140 बिंदुओं का पूरा ब्यौरा हिंदी में।
1-2. शिखर सम्मेलन और ब्रिक्स भावना:
भारत के नई दिल्ली में 12-13 सितंबर 2026 को आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नेताओं की बैठक। राजनीतिक/सुरक्षा, आर्थिक/वित्तीय और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग व रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की प्रतिबद्धता।
3-4. पार्टनर देश और ब्रिक्स प्लस संवाद:
‘ब्रिक्स प्लस‘ (Outreach/BRICS Plus) और भागीदार (Partner) देशों के साथ समावेशी, विकास-उन्मुख और पारस्परिक रूप से लाभदायक जुड़ाव बढ़ाने का समर्थन।
5-6. भारतीय अध्यक्षता की सराहना:
“रिजिलियंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” विषय के तहत भारत की सफल अध्यक्षता, 30 शहरों में 400 से अधिक बैठकों के आयोजन और वैश्विक शासन में ब्रिक्स की आवाज मजबूत करने की सराहना।
7-8. वैश्विक शासन व संयुक्त राष्ट्र (UN) सुधार:
ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ पर बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय कानून (UN चार्टर्ड) का समर्थन। संयुक्त राष्ट्र सचिवालय और वरिष्ठ पदों पर विकासशील देशों (विशेषकर अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका) तथा महिलाओं के उचित प्रतिनिधित्व का आह्वान।
9. संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद:
ध्यान दिलाया गया कि UN के इतिहास में अब तक कोई महिला महासचिव नहीं चुनी गई है और लैटिन अमेरिका, अफ्रीका व एशिया का इस पद पर सीमित प्रतिनिधित्व रहा है।
10. बहुध्रुवीय विश्व और ग्लोबल साउथ:
बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों, आर्थिक मंदी और संरक्षणवाद के दौर में ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) की प्राथमिकताओं और चिंताओं को उठाने में ब्रिक्स की केंद्रीय भूमिका की पुष्टि।
11-12. दासता, नस्लवाद और नफरत का विरोध:
दास व्यापार को मानवता के खिलाफ अपराध घोषित करने वाले UN प्रस्तावों का स्वागत और नस्लवाद, धार्मिक भेदभाव, दुष्प्रचार (disinformation) व हेट स्पीच के खिलाफ लड़ाई तेज करने का संकल्प।
13. UN सुरक्षा परिषद सुधार:
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए व्यापक सुधारों की मांग। एज़ुलविनी सहमति (Ezulwini Consensus) का समर्थन तथा UNSC के स्थायी सदस्य चीन और रूस द्वारा सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील की बड़ी भूमिका का पुनः समर्थन।
14. संयुक्त राष्ट्र निकायों का सुदृढ़ीकरण:
संयुक्त राष्ट्र महासभा और आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) को पुनर्जीवित करने और शांति निर्माण वास्तुकला की समीक्षा के पूर्ण कार्यान्वयन का आह्वान।
15. 2030 सतत विकास एजेंडा (SDG) और असमानता:
गरीबी उन्मूलन और देशों के भीतर व उनके बीच असमानता (SDG 10) को कम करने पर जोर। दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील द्वारा असमानता पर एक अंतरराष्ट्रीय पैनल स्थापित करने के प्रस्ताव का संज्ञान।
16. बांडुंग भावना (Bandung Spirit):
1955 के बांडुंग सम्मेलन (समानता, स्वतंत्रता, गैर-हस्तक्षेप) के सिद्धांतों को एक निष्पक्ष और अधिक समावेशी बहुपक्षीय प्रणाली के लिए संदर्भ बिंदु के रूप में रेखांकित करना।
17. IMF–World Bank सुधार
- BRICS चाहता है कि IMF और World Bank अधिक पारदर्शी, प्रतिनिधित्वपूर्ण और जवाबदेह बनें।
- विकासशील देशों (EMDEs) की आवाज और हिस्सेदारी बढ़ाई जाए।
- IMF और World Bank के प्रमुखों के चयन में मेरिट, पारदर्शिता और क्षेत्रीय विविधता हो।
18. IMF Quota Reform
- IMF में विकासशील देशों की Quota और Voting Share बढ़ाने की मांग।
- 16th General Review of Quotas के फैसलों को जल्द लागू करने की अपील।
- गरीब देशों के हितों की सुरक्षा हो और वित्तीय योगदान के आधार पर किसी देश को अतिरिक्त राजनीतिक प्रभाव न मिले।
19. World Bank Reform
- 2025 World Bank Shareholding Review को महत्वपूर्ण बताया।
- विकासशील देशों के प्रतिनिधित्व और मतदान अधिकार बढ़ाने की मांग।
20. WTO Reform
- BRICS ने WTO में सुधार और नियम-आधारित, खुली एवं निष्पक्ष वैश्विक व्यापार व्यवस्था का समर्थन किया।
- WTO की Dispute Settlement System को पूरी तरह बहाल करने की मांग।
- Ethiopia और Iran की WTO सदस्यता की दावेदारी का समर्थन।
- चीन द्वारा 53 अफ्रीकी देशों के लिए zero-tariff treatment बढ़ाने का स्वागत।
21. Trade Protectionism का विरोध
- बढ़ते Tariffs और Non-Tariff Barriers पर चिंता।
- संरक्षणवाद से global trade और supply chains प्रभावित होने की बात।
- EMDEs के हितों को ध्यान में रखकर WTO को मजबूत करने का संकल्प।
22. Unilateral Sanctions का विरोध
- अंतरराष्ट्रीय कानून/UN Charter के विपरीत एकतरफा आर्थिक एवं द्वितीयक प्रतिबंधों (sanctions) की निंदा।
- कहा कि इनका सबसे ज्यादा असर गरीब और कमजोर लोगों पर पड़ता है।
- गैर-UNSC-authorized sanctions का भी विरोध।
- International & Regional Peace and Security
23. शांति और संघर्ष समाधान
- वर्तमान वैश्विक ध्रुवीकरण और अविश्वास पर चिंता।
- युद्धों की रोकथाम के लिए संवाद, कूटनीति, मध्यस्थता और conflict prevention पर जोर।
- क्षेत्रीय संगठनों की भूमिका बढ़ाने का समर्थन।
24. बढ़ता Military Spending
- दुनिया में तेजी से बढ़ रहे सैन्य खर्च पर चिंता।
- कहा कि इससे विकासशील देशों के लिए विकास हेतु उपलब्ध वित्त कम हो सकता है।
- गरीबी, भूख और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं से निपटने पर जोर।
25. Nuclear Disarmament
- परमाणु युद्ध/खतरे के बढ़ते जोखिम पर चिंता।
- Nuclear Disarmament, Arms Control और Non-Proliferation को मजबूत करने की मांग।
- Middle East को Nuclear Weapons-Free Zone बनाने के प्रयासों का समर्थन।
26. Women, Peace and Security (WPS)
- UN Security Council Resolution 1325 (2000) को लागू करने की प्रतिबद्धता।
- शांति और सुरक्षा से जुड़े निर्णयों में महिलाओं की पूर्ण, समान और सार्थक भागीदारी पर जोर।
- Conflict prevention, mediation, peacebuilding और post-conflict reconstruction में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने की बात।
27. Cuba
- Cuba पर बढ़ते एकतरफा आर्थिक प्रतिबंध/नाकेबंदी पर चिंता।
- इसके Cuban economy, energy supply और आम जनता पर नकारात्मक प्रभाव को रेखांकित किया।
28 UNGA Resolution
A/RES/80/4 के अनुसार Cuba पर आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय प्रतिबंध समाप्त करने की मांग। बनाए रखने की बात।
30. 🇵🇸 Gaza & Palestine
- Gaza में ceasefire बनाए रखने और बिना बाधा humanitarian aid पहुंचाने की मांग।
- Gaza में जारी हिंसा पर चिंता।
- Palestinians को जबरन विस्थापित करने की नीतियों का विरोध।
31. Israel-Palestine
- विवाद का समाधान Two-State Solution से होना चाहिए।
- स्वतंत्र और संप्रभु Palestine की स्थापना का समर्थन।
- Palestine के लिए 1967 borders, East Jerusalem को राजधानी बनाने का समर्थन।
- Palestine की UN में पूर्ण सदस्यता का समर्थन।
32. Palestinians के जबरन विस्थापन का कड़ा विरोध।
- Gaza की demographic या geographic स्थिति बदलने का विरोध।
- अवैध occupation समाप्त करने की मांग।
33. Gaza की गंभीर humanitarian स्थिति पर चिंता।
- नागरिकों, अस्पतालों और civilian infrastructure पर हमलों की निंदा।
- भूख को युद्ध के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का विरोध।
- UNRWA के कार्य और mandate के समर्थन की पुष्टि।
34. Jerusalem की कानूनी एवं ऐतिहासिक स्थिति बदलने वाले एकतरफा कदमों का विरोध।
सभी धार्मिक स्थलों की पवित्रता और धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करने की मांग।
35. 🇱🇧 Lebanon
- Lebanon में ceasefire का स्वागत।
- UNSC Resolution 1701 को पूरी तरह लागू करने की मांग।
- Lebanon की sovereignty और territorial integrity के उल्लंघन का विरोध।
- Lebanon के क्षेत्रों से occupying forces की वापसी की मांग।
36.UNIFIL
- UNIFIL (UN Interim Force in Lebanon) की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया।
- UN peacekeepers और उनके installations की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग।
- UNIFIL पर हमलों की निंदा।
- मारे गए peacekeepers के प्रति संवेदना और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाने की मांग।
37. 🇸🇩 Sudan
- Sudan की बिगड़ती humanitarian स्थिति पर गंभीर चिंता।
- तत्काल और स्थायी ceasefire की मांग।
- बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन।
- मानवीय सहायता बिना बाधा पहुंचाने की मांग।
- “African solution to African problems” के सिद्धांत का समर्थन।
38. 🇸🇾 Syria
- Syria की sovereignty, independence, unity और territorial integrity का समर्थन।
- शांतिपूर्ण और inclusive political transition की मांग।
- Syria के पुनर्निर्माण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का समर्थन।
- UN-facilitated, Syrian-led political process का समर्थन।
- Foreign terrorist fighters और terrorism के खतरे से निपटने पर जोर।
- Syria से occupying forces की वापसी की आवश्यकता।
39. 🌎 Humanitarian Crises
- दुनिया भर के humanitarian crises से निपटने में multilateral cooperation मजबूत करने की मांग।
- Humanitarian aid के लिए धन की कमी पर चिंता।
- पर्याप्त संसाधन और UN की केंद्रीय भूमिका पर जोर।
- Civilians और humanitarian workers पर हमलों की निंदा।
- International Humanitarian Law के उल्लंघनों के लिए accountability की मांग।
40. 🇮🇳 आतंकवाद
- हर प्रकार के आतंकवाद की कड़ी निंदा, चाहे उसका कारण, स्थान या संगठन कोई भी हो।
- 22 अप्रैल 2025 के जम्मू-कश्मीर आतंकी हमले की कड़ी निंदा, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
- आतंकवाद के खिलाफ Zero Tolerance की नीति।
- Cross-border terrorism, terrorism financing और terrorist safe havens के खिलाफ कार्रवाई।
- आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से जोड़ने का विरोध।
- आतंकवादियों और उनके समर्थकों को कानून के अनुसार जवाबदेह बनाने की मांग।
- आतंकवाद से निपटने में Double Standards को अस्वीकार किया।
- UN के तहत Comprehensive Convention on International Terrorism (CCIT) को जल्द अंतिम रूप देने और अपनाने की मांग।
- BRICS Counter-Terrorism Working Group के सहयोग को मजबूत करने का समर्थन।
41. उग्रवाद का मुकाबला:
युवा पीढ़ी के बीच उग्रवाद और कट्टरपंथ को रोकने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं (best practices) के साझाकरण और सहयोग को बढ़ावा देना।
42. अवैध वित्तीय प्रवाह व धोखाधड़ी पर चिंता:
आतंकवाद के वित्तपोषण, मानव व हथियार तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, वर्चुअल परिसंपत्तियों (crypto/virtual assets) के दुरुपयोग और संगठित साइबर स्कैम (जैसे ‘स्कैम कंपाउंड्स’) पर चिंता। इससे निपटने के लिए सीमा शुल्क, वित्तीय खुफिया (FIU) और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर जोर।
43. भ्रष्टाचार विरोधी कदम:
‘भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन’ (UNCAC) के प्रति प्रतिबद्धता। भगोड़े अपराधियों की खोज, प्रत्यर्पण और अवैध संपत्ति की त्वरित पुन: प्राप्ति (asset recovery) के लिए ‘ब्रिक्स एक्सपर्ट नेटवर्क’ और व्यावहारिक तंत्रों का उपयोग।
44. मादक पदार्थ नियंत्रण:
अवैध ड्रग्स की तस्करी और उत्पादन को वैश्विक खतरा मानते हुए, ब्रिक्स एंटी-ड्रग एजेंसियों के बीच परिचालन सहयोग बढ़ाने हेतु ‘गुवाहाटी घोषणापत्र’ का स्वागत।
45. अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी व सहयोग:
ब्रिक्स रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट (RSSC) की उपलब्धियों और बेंगलुरु में हुई बैठक का समर्थन। अंतरिक्ष मलबे को कम करने (space debris mitigation), नई एजेंसियों को जोड़ने, ‘ब्रिक्स स्पेस काउंसिल’ के गठन और 12 अप्रैल 1961 को यूरी गागरिन की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान की 65वीं वर्षगांठ का स्वागत।
46. बाह्य अंतरिक्ष का शांतिपूर्ण उपयोग (PAROS):
बाह्य अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ और शस्त्रीकरण को रोकने (PAROS) तथा कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौतों (जैसे PPWT संधि प्रारूप) के लिए बहुपक्षीय वार्ता का समर्थन।
47. सुरक्षित साइबर स्पेस व संयुक्त राष्ट्र की भूमिका:
एक खुले, सुरक्षित और सुलभ ICT वातावरण का समर्थन। साइबर अपराध से निपटने के लिए ‘साइबर अपराध के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन’ के त्वरित कार्यान्वयन और तदर्थ समिति (Ad Hoc Committee) में निरंतर जुड़ाव का आह्वान।
48. डिजिटल सुरक्षा व आपूर्ति श्रृंखला:
डीपफेक, नफरत भरे भाषण, दुष्प्रचार (disinformation) और मैलवेयर जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस प्रयासों की मांग। CERTs के बीच तालमेल, डेटा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा के लिए वैश्विक मानकों को लागू करने पर जोर।
49. सतत व समावेशी विकास:
वैश्विक चुनौतियों से निपटने और विकास के अंतर को कम करने के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के आधार पर व्यावहारिक समाधान खोजने हेतु ब्रिक्स को एक प्रमुख मंच के रूप में पुनः रेखांकित करना।
50. वैश्विक स्वास्थ्य व WHO की भूमिका:
सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) के प्रति प्रतिबद्धता और WHO की केंद्रीय भूमिका पर जोर। पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट-शेयरिंग (PABS) तंत्र पर रचनात्मक जुड़ाव का आह्वान।
51. चंडीगढ़ स्वास्थ्य बैठक व टीवी उन्मूलन:
टीबी (TB) उन्मूलन के लिए साझा अनुसंधान और सहयोग पर बल। महामारी और संक्रामक रोगों से निपटने हेतु ‘ब्रिक्स एकीकृत त्वरित चेतावनी प्रणाली’ (Integrated Early Warning System) के तहत समर्पित उप-कार्य समूह के गठन का स्वागत।
52. चिकित्सा उत्पाद नियमन:
गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और सस्ती दवाओं व चिकित्सा उत्पादों की उपलब्धता के लिए ब्रिक्स नियामक प्राधिकरणों के बीच ‘GxP श्वेत पत्र’ और सहयोग के विस्तार का स्वागत।
53. डिजिटल हेल्थ केयर:
दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार के लिए ‘डिजिटल हेल्थ आर्किटेक्चर पर ब्रिक्स संकलन’ (BRICS Compendium on Digital Health Architecture) की सराहना।
54. स्वस्थ जीवन शैली व मानसिक स्वास्थ्य:
मोटापा और गैर-संचारी रोगों (NCDs) से निपटने हेतु ‘हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए ब्रिक्स मिशन’ (2026-2029) का शुभारंभ। भारत के NIMHANS के समन्वय में मानसिक स्वास्थ्य के लिए ब्रिक्स ‘सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस’ (CoE) नेटवर्क की स्थापना का समर्थन।
55. संकट में मानसिक स्वास्थ्य:
संकट की स्थितियों में प्रभावित आबादी, विशेषकर बच्चों और किशोरों को निरंतर मानसिक और मनो-सामाजिक सहायता (MHPSS) देने की प्रतिबद्धता।
56. पारंपरिक व पूरक चिकित्सा (TCIM):
पारंपरिक और हर्बल दवाओं के शोध व गुणवत्ता नियंत्रण के लिए ‘TCIM पर ब्रिक्स विशेषज्ञ कार्य समूह’ के गठन के प्रस्ताव का स्वागत।
57. स्वास्थ्य कार्यबल का सुदृढ़ीकरण:
विकासशील और कम विकसित देशों (LDCs) में स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए ब्रिक्स द्वारा प्रशिक्षण, अनुसंधान और क्षमता निर्माण का आह्वान।
58. राष्ट्रीय जन स्वास्थ्य संस्थान व वैक्सीन R&D:
जन स्वास्थ्य संस्थानों (NPHIs) के फ्रेमवर्क को मंजूरी, ब्रिक्स वैक्सीन R&D केंद्र और ‘ब्रिक्स न्यूक्लियर मेडिसिन वर्किंग ग्रुप’ के प्रयासों का स्वागत।
59. समग्र स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा व AI:
भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए स्थानीय निर्माण, प्रयोगशाला नेटवर्क, डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पारंपरिक चिकित्सा के एकीकरण पर जोर।
60. खाद्य सुरक्षा व ब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज:
वैश्विक खाद्य सुरक्षा, उर्वरक आपूर्ति और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु ‘ब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज
‘ (अनाज व्यापार मंच) पहल के विस्तार का स्वागत। कृषि व्यापार, जलवायु-अनुकूल बीज प्रणालियों और छोटे व पारिवारिक किसानों के समर्थन पर बल।
61. कृषि सहयोग व BRICS AGRIN:
इंदौर में आयोजित 16वीं कृषि मंत्रियों की बैठक के परिणामों का स्वागत। किसानों के अधिकारों, पारंपरिक ज्ञान के आदान-प्रदान और कृषि इनपुट के लिए BRICS AGRIN और ‘बीज प्रणालियों में किसानों के अधिकारों पर वैश्विक मंच’ के गठन पर सहमति।
62. एग्रोइकोलॉजी व डिजिटल एग्रीकल्चर:
जलवायु लचीलेपन के लिए एग्रोइकोलॉजी और पुनर्योजी कृषि पर ‘उत्कृष्टता केंद्र नेटवर्क’ (Centres of Excellence) तथा ‘डिजिटल कृषि पर ब्रिक्स नेटवर्क’ (वानिकी, मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर सहित) की स्थापना।
63. WTO कृषि वार्ता व व्यापार:
छोटे व पारिवारिक किसानों की आजीविका की रक्षा के लिए निष्पक्ष, संतुलित और विकास-उन्मुख कृषि व्यापार प्रणाली के तहत WTO वार्ताओं को आगे बढ़ाने और टिकाऊ वनस्पति तेल क्षेत्र में न्यायसंगत बाजार पहुंच को बढ़ावा देने पर बल।
64. ऊर्जा सुरक्षा व समावेशी ऊर्जा परिवर्तन:
ऊर्जा बाजारों में स्थिरता, आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा और जीवाश्म ईंधन की निरंतर भूमिका को स्वीकार करते हुए न्यायसंगत व समावेशी ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) का आह्वान। महिलाओं व युवाओं की भागीदारी के लिए ‘ब्रिक्स युवा ऊर्जा शिखर सम्मेलन’ का स्वागत।
65. स्मार्ट ग्रिड व ऊर्जा भंडारण:
ऊर्जा प्रणालियों में डिजिटल तकनीक और AI की भूमिका को रेखांकित करते हुए ‘स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण पर ब्रिक्स मार्गदर्शक सिद्धांत’ का स्वागत और इसके तहत ‘डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की पहल।
66. विविध ऊर्जा स्रोत व हाइड्रोजन:
नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु, जलविद्युत और कम कार्बन प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर जोर। शून्य/कम उत्सर्जन वाले हाइड्रोजन के अंतर-संचालनीय मानकों व ‘हाइड्रोजन वैल्यू चेन पर ब्रिक्स संयुक्त रिपोर्ट’ की सराहना।
67. क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज):
संसाधन समृद्ध देशों के संप्रभु अधिकारों की रक्षा करते हुए, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) की टिकाऊ और पारदर्शी आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता।
68. चौथी औद्योगिक क्रांति (PartNIR) व स्टार्ट-अप:
Industry 4.0, नवाचार और MSMEs को बढ़ावा देने के लिए ‘PartNIR’ साझेदारी को मजबूत करना। ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क, ‘ब्रिक्स स्टार्ट-अप इनकवेशन फंड’ पर विचार और ‘ब्रिक्स स्टार्ट-अप फोरम’ का स्वागत।
69. औद्योगिक विकास व उद्यमिता:
MSMEs के लिए बाजार पहुंच, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, विनिर्माण निर्यात बढ़ाने और औद्योगिक पार्कों के विकास के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देना।
70. औद्योगिक कार्य समूहों की उपलब्धियां:
‘फोटोवोल्टिक (सौर ऊर्जा) उद्योग कार्य समूह’ के कार्य योजना, ‘इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग एंड रोबोटिक्स’ और रासायनिक उद्योग में डिजिटलीकरण व नवाचार को बढ़ावा देने की सराहना।
71. MSMEs और आगरा SME फोरम:
आगरा में आयोजित पहले ‘ब्रिक्स SME फोरम’ की सराहना और ब्रिक्स देशों में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता, वित्त और तकनीक तक पहुंच बढ़ाने हेतु सहयोग ढांचे का समर्थन।
72. UNIDO के साथ औद्योगिक क्षमता केंद्र:
Industry 4.0 अपनाने में सहायता के लिए UNIDO के सहयोग से ‘ब्रिक्स सेंटर फॉर इंडस्ट्रियल कॉम्पिटेंसीज’ का संचालन, साथ ही चीन केंद्र (CCBIC) और भारत केंद्र (ICBIC) की स्थापना का स्वागत।
73. विज्ञान, प्रौद्योगिकी व नवाचार (STI):
चेन्नई घोषणापत्र (Chennai Consensus) का स्वागत। ज्ञान साझा करने के लिए ‘ब्रिक्स साइंस एंड रिसर्च रिपोजिटरी’, क्वांटम प्रौद्योगिकियों में सहयोग और अनुसंधान अवसंरचना के लिए GRAIN (ग्लोबल रिसर्च एडवांस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क) केंद्रों के प्रस्ताव का समर्थन।
74. सबमरीन केबल और डिजिटल कनेक्टिविटी:
अंतरराष्ट्रीय डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच उच्च गति वाले सबमरीन केबल (Submarine Cables) नेटवर्क की तकनीकी व आर्थिक व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) पर बातचीत जारी रखने का समर्थन।
75. STI फ्रेमवर्क प्रोग्राम के 10 वर्ष:
ब्रिक्स विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार (STI) कार्यक्रम के 10 साल पूरे होने का जश्न, अक्टूबर 2026 में रूस में होने वाले विशेष कार्यक्रम और नए अनुसंधान प्रस्तावों (Innovation & Pilot Flagship Calls) का स्वागत।
76. युवा और नवाचार:
‘यंग साइंटिस्ट्स फोरम’ और ‘यंग इनोवेटर्स प्राइज’ के माध्यम से युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और ब्रिक्स युवा स्टार्टअप्स के लिए वर्चुअल प्लेटफॉर्म स्थापित करने का समर्थन।
77. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI):
संप्रभु और आत्मनिर्भर डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण हेतु सुरक्षित व अंतर-संचालनीय (interoperable) DPI के उपयोग पर जोर, साथ ही ब्रिक्स DPI रिपोजिटरी और पायलट प्रोजेक्ट्स की पहल।
78. भविष्य के नेटवर्क और कनेक्टिविटी:
ब्रिक्स देशों के बीच डिजिटल परिवर्तन के लिए ‘फ्यूचर नेटवर्क अनुसंधान’ और ‘ब्रिक्स डिजिटल इकोसिस्टम कोऑपरेशन नेटवर्क’ (BIFN) का समर्थन।
79. डिजिटल कौशल और 2026 फोरम:
भविष्य के कार्यबल (future-ready workforce) के लिए डिजिटल कौशल विकास, ‘डिजिटल ब्रिक्स फोरम 2026’ के आयोजन और DPI फोकस समूह की बैठकों का स्वागत।
80. सुरक्षित डिजिटल वातावरण:
बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और संवेदनशील वर्गों के लिए जागरूकता, रोकथाम और सुरक्षा उपायों के माध्यम से एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता।
81. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) गवर्नेंस:
AI की पहुंच, सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए वैश्विक सहयोग पर जोर। भारत द्वारा फरवरी 2026 में आयोजित ‘AI इंपैक्ट समिट’, शंघाई में ‘वर्ल्ड AI कॉन्फ्रेंस’ और ‘ब्रिक्स ग्लोबल AI गवर्नेंस लीडर्स स्टेटमेंट’ के कार्यान्वयन की पुष्टि।
82. आपदा जोखिम न्यूनीकरण:
जलवायु परिवर्तन से जुड़ी आपदाओं से निपटने हेतु राष्ट्रीय प्रणालियों को मजबूत करने, स्थानीय ज्ञान साझा करने और आपदा-रोधी शहरी बुनियादी ढांचे के लिए ब्रिक्स दिशानिर्देशों का स्वागत।
83. बुनियादी ढांचे का लचीलापन (CDRI):
बुनियादी ढांचा प्रणालियों को आपदाओं और जलवायु जोखिमों से बचाने के लिए ‘कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिilient इंफ्रास्ट्रक्चर’ (CDRI) की भूमिका और त्वरित चेतावनी प्रणालियों (Early Warning Systems) के महत्व को रेखांकित करना।
84. एकतरफा संरक्षणवाद का विरोध:
WTO नियमों के प्रतिकूल एकतरफा संरक्षणवादी उपायों का विरोध और विकासशील देशों को वैश्विक विनिर्माण व उच्च मूल्य-वर्धित (high-value added) श्रृंखलाओं में समान अवसर देने की मांग।
85. MSMEs के लिए वित्त और जयपुर सहमति:
निर्यात-उन्मुख MSMEs के लिए ऋण आकलन ढांचे और कार्यशील पूंजी (working capital) जारी करने हेतु इनवॉइस डिस्काउंटिंग तंत्र के अध्ययन पर ‘जयपुर सहमति’ (Jaipur Consensus) का स्वागत।
86. वैश्विक मूल्य श्रृंखलाएं (GVC Action Plan 2026-2030):
लचीली और पारदर्शी वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (GVCs) के लिए डिजिटलीकरण और तकनीक हस्तांतरण को बढ़ावा देने और ‘ब्रिक्स GVC कार्य योजना 2026-2030’ के कार्यान्वयन का समर्थन।
87. विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZs) और व्यापार सुगमता:
व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए SEZs की भूमिका का लाभ उठाने और व्यापार दस्तावेजों के डिजिटलीकरण के माध्यम से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में सुधार।
88. किम्बरले प्रोसेस और हीरा व्यापार:
अनकट (रफ) हीरों के वैध व्यापार को सुनिश्चित करने के लिए ‘किम्बरले प्रोसेस’ के प्रति प्रतिबद्धता और 2026 में भारत की किम्बरले प्रोसेस अध्यक्षता का स्वागत।
89. ब्रिक्स आर्थिक भागीदारी रणनीति 2030:
व्यावहारिक आर्थिक सहयोग को गहरा करने और ‘ब्रिक्स आर्थिक भागीदारी रणनीति 2030’ को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए 2026 में भारतीय अध्यक्षता के नेतृत्व की सराहना।
90. सीमा पार भुगतान (BRICS Cross-Border Payments Initiative):
तेजी से, कम लागत वाले और सुरक्षित भुगतान तंत्र के लिए ब्रिक्स देशों की स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और निवेश बस्तियों (settlements) को बढ़ावा देने तथा भुगतान प्रणालियों के अंतर-संचालन (interoperability) पर ध्यान केंद्रित करना।
91. सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और बुनियादी ढांचा:
सदस्य देशों में जोखिम आवंटन और PPP पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए ‘PPP मॉडल और तौर-तरीकों पर तकनीकी रिपोर्ट’ का स्वागत।
92. बीमा और पुनर्बीमा (BRICS Risk Lab):
ब्रिक्स बीमा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने और गुजरात के GIFT सिटी IFSC में ‘ब्रिक्स रिस्क लैब’ (BRICS Risk Lab) की मेजबानी के भारत के प्रस्ताव का स्वागत। ‘ब्रिक्स इंश्योरेंस रेजिस्टेंस सेंटर’ (BIRC) की अवधारणा पर चर्चा जारी रखने का समर्थन।
93. नया निवेश मंच (New Investment Platform – NIP):
NIP की परिचालन प्रणालियों को आगे बढ़ाने के लिए ब्रिक्स वित्त ट्रैक के तहत एक समर्पित स्टडी ग्रुप की स्थापना पर तकनीकी चर्चाओं की प्रगति की सराहना।
94. सेटलमेंट और डिपॉजिटरी इन्फ्रास्ट्रक्चर:
सदस्य देशों के वित्तीय बाजारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए सेटलमेंट और डिपॉजिटरी प्रणालियों के कानूनी और नियामक पहलुओं पर तकनीकी चर्चा जारी रखना।
95. वित्तीय साइबर सुरक्षा व AI:
साइबर जोखिमों और AI के सुरक्षित उपयोग के लिए ‘BRICS Rapid Information Security Channel’ (BRISC) के तहत सालाना साइबर अभ्यास (Cyber Exercises) आयोजित करने और क्षमता निर्माण के लिए ‘ब्रिक्स सेंट्रल बैंक हब’ का स्वागत।
96. हरित वित्त और जलवायु जोखिम:
विकासशील देशों की वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जलवायु वित्त परियोजनाओं को बैंक योग्य (bankable) बनाने और हरित वित्तपोषण में केंद्रीय बैंकों की भूमिका पर रिपोर्ट का स्वागत।
97. आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था (BRICS CRA):
संकट के समय त्वरित सहायता के लिए CRA संधि में संशोधन, नौवें CRA टेस्ट रन की तैयारी और नए ब्रिक्स सदस्यों को इसमें शामिल करने की प्रक्रिया पर चर्चा।
98. कराधान में सहयोग (BRICS Tax Cooperation):
अंतरराष्ट्रीय कर मामलों में सहयोग के लिए ‘अंतरराष्ट्रीय कराधान और ट्रांसफर प्राइजिंग’ पर कार्य समूह, ‘ब्रिक्स टैक्स क्रॉस-लर्निंग लैब’ और युवा कर पेशेवरों के क्षमता निर्माण कार्यक्रम की शुरुआत।
99. सीमा शुल्क (Customs) सहयोग:
अवैध तस्करी रोकने के लिए सालाना ‘ब्रिक्स संयुक्त सीमा शुल्क प्रवर्तन अभियान’, अधिकृत आर्थिक संचालकों (AEO) के लिए ‘BRICS AEO एक्शन प्लान 2026’ और सीमा शुल्क मामलों में आपसी प्रशासनिक सहायता समझौते पर सहमति।
100. विकास व वृद्धि पर ब्रिक्स टास्क फोर्स (Task Force on Growth & Development):
भारतीय अध्यक्षता द्वारा गठित इस टास्क फोर्स का स्वागत, जो AI, हरित अर्थव्यवस्था, जलवायु वित्त (UNFCCC और पेरिस समझौते के अनुसार) तथा सतत विकास के लिए वित्तीय तंत्र जुटाने में सहयोग करेगी।
101. पेंशन विनियमन व सामाजिक सुरक्षा:
बुजुर्ग होती आबादी और अनौपचारिक कार्यबल की चुनौतियों से निपटने के लिए पेंशन नियामकों के सहयोग से सेवानिवृत्ति आय सुरक्षा को मजबूत करना।
102. ब्रिक्स बहुपक्षीय गारंटी (BMG) पहल:
निजी पूंजी जुटाने, क्रेडिट रेटिंग में सुधार करने और विकास परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण लागत घटाने हेतु BMG पहल और पायलट लेनदेन को बढ़ावा देना।
103. ब्रिक्स थिंक टैंक नेटवर्क:
वित्तीय समावेशिता और टिकाऊ बुनियादी ढांचे के लिए फिनटेक (FinTech) का लाभ उठाने में ‘ब्रिक्स थिंक टैंक नेटवर्क फॉर फाइनेंस’ के योगदान का स्वागत।
104. टिकाऊ परिवहन व रसद (Logistics):
नागपुर में आयोजित परिवहन मंत्रियों की बैठक के परिणामों का समर्थन। ‘ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब’, ‘सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) फोरम’ और ‘लॉजिस्टिक्स सप्लाई-चेन कोऑपरेशन फ्रेमवर्क’ की स्थापना।
105. अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन (ICAO):
ICAO परिषद में अफ्रीका और एशिया-प्रशांत क्षेत्रों की सीटों के विस्तार और 43वीं (विशेष) ICAO असेंबली में इथियोपिया व इंडोनेशिया की उम्मीदवारी का समर्थन।
106. शहरीकरण व आवास (New Delhi Forum):
नई दिल्ली में आयोजित ‘ब्रिक्स अर्बनाइजेशन फोरम’ का स्वागत; किफायती आवास, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ‘ब्रिक्स अर्बन रिसर्च एंड नॉलेज नेटवर्क’ की स्थापना।
107. जलवायु परिवर्तन व COP अध्यक्षता:
UNFCCC और पेरिस समझौते के प्रति प्रतिबद्धता। ब्राजील द्वारा आयोजित COP30 की सफलता की सराहना और इथियोपिया द्वारा आयोजित होने वाली COP32 की अध्यक्षता को समर्थन।
108. एकतरफा कार्बन करों का विरोध:
‘कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म’ (CBAM) जैसे एकतरफा, दंडात्मक और संरक्षणवादी उपायों का विरोध, जो विकासशील देशों के विकास को प्रभावित करते हैं।
109. कार्बन बाजार व जलवायु अनुसंधान:
जलवायु गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ‘ब्रिक्स कार्बन मार्केट्स पार्टनरशिप’ MoU और ब्रिक्स क्लाइमेट रिसर्च प्लेटफॉर्म का समर्थन।
110. समुदाय-आधारित अनुकूलन व पारंपरिक ज्ञान:
पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय नवाचारों के आधार पर जलवायु सहनशीलता बढ़ाने के लिए ब्रिक्स सिद्धांतों का स्वागत। विकसित देशों से विकासशील देशों को वित्तीय व तकनीकी सहायता देने की मांग।
111. जैव विविधता व बिग कैट्स एलायंस:
‘कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा’ (KMGBF) के कार्यान्वयन, कुनमिंग फंड का समर्थन और भारत की पहल पर गठित ‘इंटरनेशनल बिग कैट्स एलायंस’ (IBCA) के तहत वन्यजीव संरक्षण पर सहयोग।
112. वन संरक्षण व लैंडस्केप रीस्टोरेशन:
वनों की कटाई रोकने, दावानल (Wildfire) से निपटने के लिए साझा रणनीति और बेलेम जलवायु शिखर सम्मेलन में लॉन्च ‘ट्रॉपिकल फॉरेस्ट फॉरएवर फैसिलिटी’ (TFFF) जैसे दीर्घकालिक वित्तीय तंत्रों का समर्थन।
113. पर्यावरण व जल प्रबंधन:
पर्वतों, जल संसाधनों, वनों, मैंग्रोव और मरुस्थलों के एकीकृत संरक्षण की प्रतिबद्धता। संयुक्त अरब अमीरात और सेनेगल द्वारा आबू धाबी में आयोजित होने वाले ‘संयुक्त राष्ट्र जल सम्मेलन 2026’ और SDG 6 की प्रगति का समर्थन।
114. कचरा प्रबंधन व सस्टेनेबल लाइफस्टाइल:
विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) और इको-डिजाइन के माध्यम से कचरा प्रबंधन और सर्कुलर इकॉनमी पर जोर। टिकाऊ जीवन शैली में अनुसंधान के लिए ब्रिक्स संस्थानों का नेटवर्क बनाने और ‘ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक 2026’ के आयोजन की संभावना का स्वागत।
115. न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB):
विकासशील देशों में बुनियादी ढांचे और स्थानीय मुद्रा वित्तपोषण के लिए NDB की भूमिका का समर्थन। रूस में आयोजित 11वीं NDB वार्षिक बैठक और भारत की अध्यक्षता में ‘ब्रिक्स-NDB नॉलेज पोर्टल’ के शुभारंभ की सराहना।
116. वैश्विक आर्थिक सुधार व G20:
निष्पक्ष वैश्विक आर्थिक शासन के लिए G20 की केंद्रीय भूमिका की पुष्टि। इंडोनेशिया, भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की लगातार G20 अध्यक्षताओं के योगदान तथा अफ्रीकी संघ (AU) के शामिल होने से ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत होने का समर्थन।
117. प्रतिस्पर्धा कानून व नीति (Competition Law):
नवीकरणीय ऊर्जा बाजारों सहित सभी क्षेत्रों में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के बीच सहयोग मजबूत करने पर बल।
118. मानकीकरण (Standardization) सहयोग:
ब्रिक्स राष्ट्रीय मानक निकायों (NSBs) के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए ‘मानकीकरण पर ब्रिक्स समझौता ज्ञापन (MoU)’ की प्रगति और AI मानकीकरण पर तकनीकी सत्रों का स्वागत।
119. सांख्यिकीय (Statistical) सहयोग:
डेटा पारिस्थितिकी तंत्र और सांख्यिकीय प्रणालियों के आधुनिकीकरण में सहयोग, साथ ही ‘ब्रिक्स संयुक्त सांख्यिकीय प्रकाशन’ (BRICS Joint Statistical Publication) की निरंतरता का समर्थन।
120. बौद्धिक संपदा (IP) और AI का प्रभाव:
IP कार्यालयों के बीच सहयोग, 2026 के परिचालन दिशानिर्देशों का अद्यतन और AI मॉडल डेटासेट में सांस्कृतिक विरासत व पारंपरिक ज्ञान के गलत चित्रण/दुरुपयोग के जोखिमों को संबोधित करने पर जोर।
121. सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थान (SAIs):
सार्वजनिक प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए SAIs की भूमिका, शहरी गतिशीलता लेखापरीक्षा में सहयोग और ‘BRICS SAIs कार्य योजना 2027-2028’ के कार्यान्वयन का समर्थन।
122. सांस्कृतिक व जन-सहयोग (People-to-People):
संसदीय मंच, युवा परिषद, थिंक टैंक काउंसिल, सिविल फोरम और महिला व्यवसाय गठबंधन के माध्यम से लोगों के बीच आपसी समझ, सांस्कृतिक विविधता और सभ्यतागत संवाद को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता।
123. महिला-नेतृत्व वाला विकास (Kochi Ministerial):
कोच्चि में आयोजित महिला मंत्रिस्तरीय बैठक के परिणामों का स्वागत। शासन, वित्त, जलवायु परिवर्तन और शांति प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा देने तथा ‘ब्रिक्स महिला डिजिटल क्षमता निर्माण दिशानिर्देश’ का समर्थन।
124. शिक्षा व कौशल विकास (BRICS-TCA):
भुवनेश्वर में 13वीं शिक्षा मंत्रियों की बैठक का स्वागत। रोजगार की जरूरतों के अनुसार कौशल विकसित करने के लिए ‘ब्रिक्स टीवीईटी (TVET) सहयोग गठबंधन’ का सुदृढ़ीकरण और उद्योगों के साथ टीवीईटी संस्थानों का जुड़ाव।
125. अकादमिक सहयोग व वैश्विक रैंकिंग:
‘ब्रिक्स नेटवर्क यूनिवर्सिटी’ के तहत पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के समावेश, एआई (AI) के सुरक्षित उपयोग, छात्रवृत्ति कार्यक्रमों, ‘ब्रिक्स रेक्टर्स फोरम’ और ‘ब्रिक्स यूनिवर्सिटी ग्लोबल रैंकिंग सिस्टम’ के विकास पर जोर।
126. श्रम सहयोग व सामाजिक सुरक्षा (BRICS CONNECT):
गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा पोर्टेबिलिटी और डिजिटल श्रम बाजारों के लिए BRICS CONNECT (क्षमता निर्माण और नए कौशल के लिए नेटवर्क) को अपनाने पर सहमति।
127. सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण (Bhopal Declaration):
भोपाल घोषणापत्र का स्वागत। संघर्ष क्षेत्रों से सांस्कृतिक संपत्तियों की तस्करी रोकने, चोरी या विस्थापित सांस्कृतिक विरासतों की उनके मूल देश में वापसी (restitution) और संग्रहालयों व पुस्तकालयों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान।
128. सांस्कृतिक उत्सव व फिल्म फोरम:
सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जन-संबंधों को मजबूत करने के लिए ब्रिक्स संस्कृति महोत्सव, WAVES बाजार, ब्रिक्स थिएटर और फिल्म फेस्टिवल जैसे मंचों को विस्तार देने का समर्थन।
129. टिकाऊ व स्मार्ट पर्यटन (Jaipur Communique):
जयपुर में आयोजित पर्यटन मंत्रियों की बैठक के परिणामों का स्वागत। इको-टूरिज्म, डिजिटल भुगतान, AI आधारित पर्यटन प्रणालियों, सांस्कृतिक व स्वास्थ्य पर्यटन और सदस्य देशों के बीच सुगम पर्यटन प्रवाह को बढ़ावा देने पर जोर।
130. खेल प्रौद्योगिकी व ब्रिक्स खेल (BRICS Games):
उच्च प्रदर्शन वाले पारंपरिक व राष्ट्रीय खेलों के लिए ‘ब्रिक्स गेम्स’ का आयोजन। ‘ब्रिक्स स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव’ और खेल प्रौद्योगिकी पर एक नए कार्य समूह (Working Group) के गठन के प्रस्ताव का स्वागत।
131. युवा सशक्तीकरण व सहयोग:
नवाचार और सतत विकास में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए ‘ब्रिक्स युवा परिषद’ और ‘युवा शिखर सम्मेलन’ का स्वागत। शिक्षा, उद्यमिता, पर्यावरण और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए ‘ब्रिक्स युवा सहयोग ढांचे’ पर प्रगति की सराहना।
132. न्याय व वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR):
सीमा पार वाणिज्यिक विवादों को सुलझाने के लिए मध्यस्थता और आर्बिट्रेशन जैसे ‘वैकल्पिक विवाद समाधान’ (ADR) तंत्र को बढ़ावा देने और कानूनी प्रणालियों के बीच सहयोग मजबूत करने पर जोर।
133. संसदीय मंच (October 2026):
अक्टूबर 2026 में आयोजित होने वाले ’12वें ब्रिक्स संसदीय मंच’ (जिसमें महिला सांसदों की बैठक शामिल है) का समर्थन, जो देशों के बीच आपसी विश्वास और संस्थागत सहयोग को मजबूत करेगा।
134. व्यवसाय व नवाचार पुरस्कार:
प्रत्यक्ष व्यापारिक जुड़ाव बढ़ाने के लिए ‘ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026’ तथा तकनीकी नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘ब्रिक्स सॉल्यूशंस अवार्ड्स 2026’ और ‘ब्रिक्स महिला स्टार्ट-अप अवार्ड्स 2026’ का स्वागत।
135. ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल (BBC):
व्यापार, निवेश और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए बिजनेस काउंसिल की वार्षिक रिपोर्ट का स्वागत और ‘सतत विकास नेटवर्क’ (Sustainable Development Network) के शुभारंभ की सराहना।
136. महिला व्यवसाय गठबंधन (WBA):
महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए वित्त, तकनीक और बाजार तक पहुंच आसान बनाने हेतु ‘ब्रिक्स विमेन बिजनेस एलायंस’ की सिफारिशों और पहलों का समर्थन।
137. थिंक टैंक व नागरिक समाज संवाद:
अकादमिक और नागरिक समाज संगठनों के बीच जुड़ाव को मजबूत करने के लिए ‘ब्रिक्स थिंक टैंक काउंसिल’, ‘एकाडेमिक फोरम’ और ‘सिविल फोरम’ के निष्कर्षों का स्वागत।
138. संस्थागत विकास व ऑनलाइन आर्काइव:
ब्रिक्स के बढ़ते प्रभाव को स्वीकार करते हुए संस्थागत निरंतरता के लिए ‘ब्रिक्स ऑनलाइन आर्काइवल डेटाबेस’ की स्थापना पर हुई प्रगति का स्वागत।
139. भारतीय अध्यक्षता का धन्यवाद:
2026 में नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए भारत सरकार और यहां के लोगों का आभार।
140. 2027 के लिए चीन को समर्थन:
2027 में ब्रिक्स की अध्यक्षता करने और 19वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए चीन को पूर्ण समर्थन की घोषणा।